स्थानांतरण के लिए 24 घंटे के भीतर विभागों को देने होंगे प्रस्ताव समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर के निर्देश

जषपुरनगर 02 जुलाई 2019/ कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की स्थानांतरण नीति के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए। जिला स्तर पर स्थानांतरण 12 जुलाई तक हो सकेंगे। कलेक्टर ने सभी विभागो के अधिकारियों को तृतीय श्रेणी के गैर-कार्यपालिक एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण का प्रस्ताव तीन जुलाई अपरान्ह 2 बजे तक अनिवार्य रूप से  उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों से प्राप्त प्रस्ताव का नियमानुसार गहन परीक्षण करना संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदारी होगी। जिले में स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त ही होंगे। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामले में उनके संवर्ग के कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत् तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परस्पर सहमति से व्यं के व्यय पर किए गए स्थानांतरणों की गणना उक्त सीमा में नहीं की जाएगी। 
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि विभागों से प्राप्त होने वाले प्रस्ताव में जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में कर्मचारियों का संतुलन बना रहे। इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए। दिव्यांग कर्मियों का स्थानांतरण आवागमन की सुविधा वाले स्थानां पर ही प्रस्तावित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित समय-सीमा के पत्रों के निराकरण की स्थिति की भी गहन समीक्षा की और अधिकारियों को तत्परता से इसका निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजनांतर्गत गौठानों के निर्माण के लिए स्वीकृत शत् प्रतिशत् कामों को तेजी से पूरा कराए जाने, जिले के सभी 65 गौठानों में औसत रूप से 400 से 500 फलदारपौधों तथा नेपियर ग्रास का रोपण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण की स्थिति तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए  ऑनलाईन एंट्री की भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर किसानों की जानकारी ऑनलाईन पूरा कराए जाने के निर्देश दिए। बैठक में भूमि के डायवर्सन, शासकीय भूमि के हस्तानांतरण के प्रकरण, परियोनमद के मद के कार्यां का पूर्णता प्रमाण पत्र तथा गौण खनिज राशि से प्राथमिकता के आधार पर नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यां का प्रस्ताव भी देने के निर्देश दिए गए । सातवीं आर्थिक जनगणना के लिए सांख्यिकी विभाग को जिले के समस्त गांव का नजरी नक्शा तत्काल उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश एसडीएम को दिए गए।  

Follow me in social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *