प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा में हितग्राही को कोई दस्तावेज नही दिए जाते सिर्फ बैंक को पैसा काट लेने से है मतलब

रायपुर- केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवम प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना अंतर गत जिन लोगो का बीमा बैंको द्वारा किया जा रहा है उक्त बैंको द्वारा हितग्राही /बीमाधारक को कोई रशीद या दस्तावेज उपलब्ध नही कराये जाते बल्कि प्रावधान यह है कि एक बार बीमा हो जाने के बाद हर वर्ष बैंक स्वयं उक्त बीमा रिनिवल कर राशि खाते से काट लेता है जिसकी बीमा धारक को जानकारी भी नही होती।इस तरह अगर भविष्य में किसी बीमा धारी व्यक्ति अथवा परिवार को क्लेम लेना पड़ेगा तो उसे बिना किसी दस्तावेज के अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा तथा बीमा धारक क्लेम से वंचित भी रहने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता।योजना के सम्बंध में सरकार जिन नियमो का पालन करती है

ये है नियम

 

वित्त मंत्रालय ने 12 और 330 रुपए में सस्ता इंश्योरेंस देने के नियम तय कर दिए हैं। इसके तहत बीमा का लाभ लेने के लिए आवेदक का बचत खाता होना जरूरी होगा। साथ ही वह केवल एक बैंक खाते पर ही सस्ते इंश्योरेंस का लाभ ले पाएगा। यानी अगर किसी व्यक्ति का एक से ज्यादा बैंक खाता है, तो वह दो या दो से अधिक खाते पर स्कीम का लाभ नहीं ले पाएगा। उसे केवल एक खाते पर ही 12 रुपए में दुर्घटना बीमा और 330 रुपए में जीवन बीमा कराने का मौका मिलेगा।
एक जून से मिलेगा कवर
प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की शुरुआत 1 जून 2015 से शुरू हो रही है। जिसके लिए31 मई तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। देश के प्रमुख बैंक स्कीम में इनरोलेमेंट की सुविधा 1 मई से शुरू करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्यो0ति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) शामिल हैं। तीनों योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मई को कोलकाता से लांच करेंगे। अटल पेंशन योजना के तहत न्यूैनतम 1000 रुपए मासिक पेंशन मिलेगा। यह योजना 18 से 40 वर्ष के व्योक्तियों के लिए है। शुरुआती पांच वर्षों तक सरकार 1000 रुपए या सब्सगक्राइबर के अंशदान का 50 फीसदी सालाना का योगदान खाते में करेगी।
मल्टीपल बैंक खाता होने पर भी एक ही इंश्योरेंस
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार अगर किसी खाताधारक का एक से अधिक बैंक में बचत खाता है, तो भी वह केवल एक ही बार इंश्योरेंस करा सकेगा। ऐसा नहीं होगा कि कोई व्यक्ति अलग-अलग बैंक में कई बार इंश्योरेंस का लाभ ले सके। वित्त मंत्रालय की कोशिश है कि स्कीम का लाभ देश का हर व्यक्ति ले सके।
“आधार” होगा अहम
इंश्योरेंस कवर देने में डुप्लीकेसी न हो इसलिए स्कीम के तहत केवाईसी में आधार को अहम रखा गया है। नियमों के मुताबिक जो भी व्यकित स्कीम के लिए आवेदन करेगा। उसके केवाईसी के रूप में बैंक “आधार” को प्रमुखता देंगे। आधार कार्ड ना होने की स्थिति में भी बीमा योजना का लाभ ग्राहकों को मिलेगा ग्राहक का बचत खाता शाखा में होना अनिवार्य है
पहले साल इनरोलमेंट में मिलेगी छूट
दोनों योजनाओं की अवधि 1 जून 2015 से लागू होगी। जो कि हर साल 1 जून से लेकर 31 मई तक के लिए होगी। उसके बाद योजना में बने रहने के लिए हर साल बीमाधारक को रिन्यूअल कराना होगा। इस साल 31 अगस्त 2015 तक इनरोलमेंट की छूट वित्त मंत्रालय ने दी। जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है। जिस बैंक में आपका बचत खाता है, वहां जाकर आप इनरोलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत बैंक आपको एक फार्म देगा। जिसके जरिए आपका बीमा किया जाएगा। प्रीमियम के लिए आपको बैंक फार्म में यह स्वीकृति देनी होगी, कि आपके खाते से प्रीमियम की राशि खुद ही काट ली जाए। बैंक हर साल आपके खाते से प्रीमियम की राशि खुद ही काट लेंगे। साथ ही यह भी जरूरी है कि आप बैंक के नियम के मुताबिक हमेशा बचत खाते में न्यूनतम राशि रखे रहें। बीमा के लिए आपको किसी बीमा कंपनी के पास आवेदन की जरूरत नहीं होगी।
कितना मिलेगा कवर
प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना में बीमा धारक को 2 लाख रुपए का दुर्घटना कवर मिलेगा। जबकि दुर्घटना के दौरान विकलांगता आदि की स्थिति में 1 लाख रुपए का कवर मिलेगा। हालांकि अगर दुर्घटना के दौरान व्यक्ति की दोनों आंखों की रोशनी चली जाती है, या फिर उसके हाथ और पैर बेकार हो जाते हैं, तो भी 2 लाख रुपए का कवर बीमाधारक को मिलेगा। कोई भी व्यक्ति जिसका बचत खाता है और उसकी उम्र 18-70 साल तक है, वह स्कीम का लाभ ले सकेगा। इसके लिए उसे हर साल 12 रुपए का प्रीमियम देना होगा। इसी तरह जीवन ज्योति योजना के तहत 18-50 साल की उम्र का व्यक्ति 330 रुपए का सालाना प्रीमियम देकर, 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर ले सकेगा। 55 साल की अवधि के दौरान अगर किसी व्यक्ति की किसी भी कारण मौत होती है, तो उसके उत्तराधिकारी को 2लाख रुपए की राशि मिलेगी।

सरकार की बीमा नीति पर प्रश्न चिन्ह है कि आखिर बीमित व्यक्ति के पास कोई प्रमाण क्यों नही होना चाहिए।बैंक से संपर्क करने पर सिर्फ बैंक ने जो पैसा काट लिया वहः एंट्री दिखा दी जाती है।

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